साम्प्रदायिक दंगा निषेध कानुन एक्ट 2011 जिसको हम द कम्युनल वोइलेन्स बिल के नाम से जानते है इसे शीत कालीन सत्र में केन्द्र की कांग्रेस सरकार के द्वारा संसद मे पास करवाया जाने वाला है । इस बिल को सपा, बसपा, जेडीयू, डीएमके, एनसीपी आदि दलों का समर्थन प्राप्त है |
इस बिल के द्वारा भारत मे रहने वाले तथाकथित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने के नाम पर यहा के मुल निवासी हिन्दुओ के मन मे असुरक्षा का भाव पैदा करने व् हिन्दुओ को भारत में दोयम दर्जे का नागरिक बनाने की साजिश रचि जा रही है |

ये बिल सोनिया गाँधी के राजनितिक सलाहकार अहमद पटेल ने अरब देशो के ईशारे पर भारत को धीरे धीरे मुस्लिम देश बनाने के लिए ही ड्राफ्ट करवाया है | क्योकि अहमद पटेल बहुत ही कट्टर सुन्नी मुस्लिम है जो हर बकरीद पर अपने हाथो से कई जानवरों का गला रेतता है और अब ये हिन्दुओ का गला रेतना चाहता है |
अगर भारत मे रहने वाले सभी गैर मुस्लिम नागरिक ( हिन्दु ,जैन, सिख्ख, बौद्ध, पारसी, इसाई ) इस बिल का विरोध नहि करते है , तो इस बिल के पास होने के बाद बहुत जल्द ही देश में अराजकता फ़ैल जाएगी और लाखो गैर मुस्लिम जेल में होंगे । इस बिल मे सविंधान के अनुच्छेदो को देखते हुए कोई परिपक्वता नही हे । इस कारण इस बिल को गंभिरता से नही लिया जा सकता हे, क्योकि इस बिल मे देश को साम्प्रदायिक दंगो से बचाने के नाम पर केवल हिन्दुओ पर कानुनी कार्यवाही के प्रावधान है जो कि केवल तथाकथित अल्पसंख्यकों को बचाने व उनके होसलो को बढ़ावा देने के लिये हे ।

विश्व के हर दंगो का इतिहास देखिये ..दुनिया के किसी भी कोने के दंगो की शुरुआत मुसलमानों ने ही की है |
तथाकथित अल्पसंख्यकों को इस बिल के द्वारा इस देश मे रहने वाले हिन्दुओ को हर प्रकार से द कम्युनल वोइलेन्स बिल का डर दिखा कर अपनी योजना के अनुसार, फ़िर चाहे वह धर्मांतरण हो या जिहाद या लव जिहाद अपने अपने तरिको से प्रताडित करने का अधिकार मिल जायेगा।..

इस बिल का सीधा अर्थ ये है ...ध्यान से पढ़िए मित्रो ...


1) कानून-व्यवस्था का मामला राज्य सरकार का है, लेकिन इस बिल के अनुसार यदि केन्द्र को "महसूस" होता है तो वह साम्प्रदायिक दंगों की तीव्रता के अनुसार राज्य सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर सकता है और उसे बर्खास्त कर सकता है… (इसका मोटा अर्थ यह है कि यदि 100-200 कांग्रेसी अथवा 100-50 जेहादी तत्व किसी राज्य में दंगा फ़ैला दें तो राज्य सरकार की बर्खास्तगी आसानी से की जा सकेगी)

2) इस प्रस्तावित विधेयक के अनुसार दंगा हमेशा "बहुसंख्यकों" द्वारा ही फ़ैलाया जाता है, जबकि "अल्पसंख्यक" हमेशा हिंसा का लक्ष्य होते हैं| इस बिल में हिन्दुओ को "दंगाई" शब्द से सम्बोधित किया गया है |

3) यदि दंगों के दौरान किसी "अल्पसंख्यक" महिला से बलात्कार होता है तो इस बिल में कड़े प्रावधान हैं, जबकि "बहुसंख्यक" वर्ग की महिला का बलात्कार होने की दशा में इस कानून में कुछ नहीं है…इस बिल में कहा गया है की हिन्दू महिलाओ पर दंगो के दौरान हुए बलात्कार पर मुस्लिमो को दोषी नही माना जाएगा |

4) किसी विशेष समुदाय (यानी अल्पसंख्यकों) के खिलाफ़ "घृणा अभियान" चलाना भी दण्डनीय अपराध
है (फ़ेसबुक, ट्वीट और ब्लॉग भी शामिल)… जबकि अल्पसंख्यक वर्ग को ..बहुसंख्यक के खिलाफ कुछ भी लिख बोल सकने के लिए आज़ाद है

5) "अल्पसंख्यक समुदाय" के किसी सदस्य को इस कानून के तहत सजा नहीं दी जा सकती यदि उसने
बहुसंख्यक समुदाय के व्यक्ति के खिलाफ़ दंगा अपराध किया है चाहे वो सांप्रदायिक दंगो के दौरान .बहुसंख्यक वर्ग
कि माँ ,बहिन ,बहु ,बेटी की इज्जत लुटे (क्योंकि कानून में पहले ही मान लिया गया है कि सिर्फ़ "बहुसंख्यक समुदाय" ही हिंसक और आक्रामक होता है, जबकि अल्पसंख्यक तो अपनी आत्मरक्षा कर रहा है)…

इस विधेयक के तमाम बिन्दुओं का ड्राफ़्ट तैयार किया है, सोनिया गाँधी की "किचन कैबिनेट" के सुपर-सेकुलर सदस्यों एवं अण्णा को कठपुतली बनाकर नचाने वाले IAS व NGO गैंग के टट्टुओं ने… इस बिल की ड्राफ़्टिंग कमेटी के सदस्यों के नाम पढ़कर ही आप समझ जाएंगे कि यह बिल "क्यों", "किसलिये" और "किसको लक्ष्य बनाकर" तैयार किया गया है…।

प्रारूप बनाने वाली समिति के सदस्य

1.गोपाल सुब्रमनियम
2.मजा दारूवाला
3.नजमी वजीरी
4. P.I.जोसे
5.प्रसाद सिरिवेल्ला
6. तीस्ता सीताल्वाडा
7. उषा रामनाथन (२० Feb २०११ तक )
8. वृंदा ग्रोवर (२० Feb २०११तक )
9. फराह नकवी
10. हर्ष मंदर

और इस बिल के सलाहकार समिति के सदस्य

1.अबुसलेह शरफ
2.असगर अली इंजिनियर
3.गगन सेठी
4. H.S फुल्का
5. जॉन दयाल
6. न्यायमूर्ति होस्बेत सुरेश
7. कमाल फारुकी
8. मंज़ूर आलम
9.मौलाना निअज़ फारुकी
10.राम पुनियानी
11. रूपरेखा वर्मा
12. समर सिंह
13. सौम्य उमा
14.शबनम हाश्मी
15. मारी स्कारिया
16. सुखदो थोरात
17. सैयद शहाबुद्दीन
18. उमा चक्रवर्ती
19.उपेन्द्र बक्सी

इस बिल का हम फेसबुक के साथ साथ ..अपने नजदीकी किन्ही ""हिन्दू संघठन''''से जुड़ कर भारी संख्या में विरोध कर सकते है ..

जय हिन्द 

जय भारत 

वन्देमातरम

 
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