नए प्रयोग और खोज सिर्फ़ अमेरिका, ब्रिटेन और आईआईटी के लोगों की बपौती नही है। ये साबित किया है बागपत के एक पॉलिटेक्नीक के छात्र ने, जिसने हवा से चलने वाला इंजन बनाया है। वो भी 18 हज़ार में

चार बार की असफलता के बाद सफल हुए छात्र के प्रयोग से कॉलेज प्रशासन भी खुश है। कॉलेज प्रशासन छात्र की इस नए प्रयोग में सहायता करने के लिए हर तरह से तैयार है।

मूल रुप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का रहने वाला मोहित जिले के कुराली स्थित शांति पॉलीटेक्निक में (मैकेनिक आटोमोबाइल ट्रेड) अंतिम वर्ष का छात्र है।

मोहित ने यामहा बाइक के स्ट्रोक इंजन को हवा से चलाकर लोगों को आश्‍चर्यचकित कर दिया। मोहित के अनुसार दो वर्ष पूर्व कॉलेज जाते समय उसने एक ट्रक के प्रेशर ब्रेक से ओवर होने पर हवा निकलने की आवाज सुनीं थी।
इसके बाद उसने प्रेशर ब्रेक के सिद्धांत पर हवा से चलने वाले इंजन की कल्पना की। अपनी कल्पना को अंजाम देने के लिए उसने कबाड़ी से चार हजार रुपये एक यामाहा बाइक का टू-स्ट्रोक इंजन खरीदा।

इसके बाद वह हवा से चलने वाले इंजन को बनाने में जुट गया। इसमें उसने कॉलेज अध्यापकों से भी सलाह ली। वह चार बार अपनी खोज में असफल रहा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी।

एक माह पूर्व वह पांचवीं बार अपनी सोच को हकीकत में बदलने में कामयाब हो गया। मोहित के अनुसार उसने बाइक के इंजन में कुछ बदलाव कर प्लग के स्थान पर वाल्व लगाए।

हवा को कंप्रेशर के जरिए एक सिंलडर में हाइ प्रेशर पर जमा किया। हाइ प्रेशर हवा को पाइप के माध्यम से इंजन में पहुंचाया। इससे इंजन चल पड़ा।

मोहित ने बताया कि इंजन की क्षमता पेट्रोल से चलने वाले इंजन के बराबर है और आरपीएम (राउंड पर मिनट) भी पूरे हैं। नई खोज को देखने वाले लोग दंग रह गए।

छात्र ने बताया कि प्रयोग में 18 हजार रुपये का खर्चा आया है। इसे उसने अपनी पॉकेट मनी से जमा किया था।
 
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