इस फोटो को ध्यान से देखिये ....हिन्दुओं की लाशो को गिद्ध खा रहे हैं .....मै सत्य का उदगार कर रहा हूँ .....इतना नग्न सत्य कि .....

ये नर संहार हिन्दुओं द्वारा गाँधी जैसे लोगों पर किये गए विश्वास का फल है.....

अक्टूबर १०,१९४६ ,कोजगारी लक्ष्मी पूजा का दिन ......टिप्पर और नाओखाली में शाम तक ७००० हिन्दुओं का क़त्ल_ऐ_आम हुआ ....बलात्कार ,हत्या और नीचता की हर हदें पार हुई

इतना भीषण नर संहार हुआ की अखबार statesman के अनुसार "२००० वर्ग किलोमीटर का इलाका श्मशान घाट बनाया गया और फिर जाकर कुछ लाशों को दफ़न किया गया सामूहिक रूप से "
Noakhali genocide , also known as the Noakhali Carnage, was a series of massacres, rapes, abductions and forced conversions of Hindus and looting and arson of Hindu properties, perpetrated by the Muslim community in the districts of Noakhali and Tipperah in the Chittagong Division of Bengal in October–November 1946, a year before India's independence from British rule. It affected the areas under the Ramganj, Begumganj, Raipur, Lakshmipur, Chhagalnaiya and Sandwip police stations in Noakhali district and the areas under Hajiganj, Faridganj, Chandpur, Laksham and Chauddagram police stations in Tipperah district, a total area of more than 2,000 square miles.
- Wikipedia
बस अब कुछ कहना नहीं चाहता ....मेरे सेकुलर युवाओं "चेतना का जागरण बड़ा ही क्रूर होता है"....अच्छा है सोये हो ....रोज़ रात में प्रेमिका से बात करते हो,जींस पहन रहे हो अंग्रेजी गाने सुन रहे हो ......
मौज कर रहे हो .....अच्छा है ...मेरे जैसे बेचैन और व्याकुल तो नहीं हो अपनी भारत माता और सनातन संस्कृति हेतु ....
तुम ये पढोगे ....तुम्हे लगेगा लाइक नहीं करूँगा नहीं तो लोग सोचेंगे मै सेकुलर नहीं हूँ ....

वेदना के उदगार में दो पंक्तियाँ ......मेरे सेकुलर युवा दोस्तों शायद तुम्हे ये भी ना समझ आये ....क्यों की तुम तो वेलेंटाइन "कवियों" को सुनते हो .....परन्तु मुझे गर्व है की तुम मुझे साम्प्रदायिक कहो .....

नारी-नर जलते साथ, हाय!
जलते हैं मांस-रुधिर अपने;
जलती है वर्षों की उमंग,
जलते हैं सदियों के सपने!

ओ बदनसीब! इस ज्वाला में
आदर्श तुम्हारा जलता है,
समझायें कैसे तुम्हें कि
भारतवर्ष तुम्हारा जलता है?


 
Top