जागो तो एक बार हिंदु जागो तो ॥धृ॥

जागे थे प्रताप शिवाजी मार भगाये मुल्ला काझी ।
मच गयी हा हा कार हिंदु जागो तो ॥१॥

जागे थे गुरु गोविन्द प्यारे देश पे चारो बच्चे वारे ।
वार दिया परिवार हिंदु जागो तो ॥२॥

जागी थी झांसी की रानी अकेली थी पर हार न मानी ।
चमक उठी तलवार हिन्दु जागो तो ॥३॥

जागे थे भगत सिंग प्यारे असेम्ब्ली मे लग गये नारे ।
भडक गई सरकार हिन्दु जागो तो ॥४॥

भारत मा के सपूत जागे कश्मीर मे ध्वज लेहराए ।
भागे आतन्कवाद हिन्दु जागो तो ॥५॥

हिन्दु जागे देश जागे देश के सब दुश्मन भागे ।
बने ये हिन्दु राष्ट्र हिन्दु जगो तो ॥६॥

जागा है अब शेर-ए-पंजाब(सतीश कुमार), गौ तस्कर डरते करे पैसाब ।
मूल्लो के घरों में , मच गई हा हाकार हिन्दू जागो तो ॥૭॥
 
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