वाह सुनने में कितना अच्छा लग रहा है की गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोग पूरी कीमत अदा करके गैस सिलेंडर , कैरोसिन राशन आदि खरीदेंगे और ईमानदार सरकार उनके खाते में सीधे सब्सिडी का हिस्सा ट्रान्सफर कर देगी |

अब इस योजना जिसे "वोट के बदले नोट" कहा जा रहा है और जिसे कांग्रेस एक क्रांतिकारी योजना बता रही है इसकी पूरी पेचीदगी भी जानिए ..

१- ये सब्सिडी सिर्फ उन्ही लोगो को मिलेगी जो गरीबी रेखा के नीचे रह

ते है .. क्या एक बेहद गरीब अनपढ़ ये सब कागजी करवाई कर सकेगा ?

२- ये सब्सिडी सिर्फ उन्ही को मिलेगी जिनके पास आधार कार्ड होगा | आज देश में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले ९०% फीसदी लोगो के पास आधार कार्ड तो दूर बीपीएल कार्ड तक नही है |

३- गरीब और अनपढ़ लोग अपने गाँव से दूर दिल्ली , मुंबई , गुजरात, पंजाब आदि जगहों पर जाकर काम करते है अब ये लोग उस जगह अपना बैंक खाता कैसे खोलेंगे ?

४- लोग अपना सब्सिडी का पैसा लेने के लिए बैंको में दिन भर लाइन लगायेंगे क्योकि गाँवो के बैंको में एटीएम नही होता |
५- गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोग रोज मजदूरी आदि करके अपना गुजरा करते है वैसे में वो किसी भी चीज का पहले पूरा बाजार कीमत कैसे अदा करेंगे ?
 
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