एसा हाल किया भारत का -इस कांग्रेस के राज ने । फुदक रही चिड़िया को -जैसे -पंजा मारा बांज ने ।।१-

कोई राह नहीं जीने की -है अब दांतामरा किसान है । नेता सारे शेर हो गए -की सीमा पर बेकल जवान है ।।२-

बेटी को अब बोझ समझ कर -गला दबाया जाता है । भूखी,नंगी ,हो रही जनता -विकास बताया जाता है ।।३-

अमन चैन अब कंहा जंहा में -लुट सको तो लुट । पैसा रखो कतल करो -पर निश्चय जावोगे छुट ।।४-

संतानों को क्या समझाए -जीवन कैसे जीना है । पुरे कुंए में जब भांग पड़ी है -मज़बूरी है पीना है ।।५ -

रामायण की बात करू तो -ये बेटा समझ न पाए । लुट -खसूट की दुनिया हो गई -कैसे हम समझाए ।।६-

हर वक्त कसक उठती सीने मे-क्या भारत का होगा । ह्रदय कहता धीर धरो तुम -भारत फिर भारत होगा ।।
 
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