कल मुसलमानों का अतिशान्ति प्रिय त्यौहार मुहर्रम था , पुरे उत्तर भारत में पूरी शान्ति के साथ कई स्थानों पर पथराव किया गया ,पूरी शांति एवं श्रधा का परिचय देते हुए मुसलमानों ने उत्तर प्रदेश के लगभग ग्यारह स्थानों पर 100 लोगों को घायल करके मुहर्रम के सन्देश को घर-घर तक पहुँचाया , जो की त्याग और मुहब्बत और आपसी भाईचारे को मजबूती देता है

उत्तर प्रदेश के .कुशी नगर के दुबौली बाज़ार में तो यह और भी दो कदम
आगे निकल गया, यहाँ पर ड्यूटी पर तैनात SSP , ADM . SO . और यातायात अधिकारी सहित दो पुलिसवालों को भी बुरी तरह से घायल करके मुहर्रम का प्यार भरा सन्देश दिया गया , भादोली - में MLA और बारह लोगों को भी मुहर्रम का प्यार भरा संदेस दिया , और अब वे सब नजदीकी अस्पताल में जन्नत का ट्रेलर देखने में मशगूल है , बहराईच - के पर्सोहना गाँव में एक अलग मिशाल मुहर्रम की पेश की गयी , यहाँ पर बहुत ही सादगी से त्याग का परिचय दिया गया -और केवल दुकानों में लूट-पाट ही की गयी , और रस्मी तौर पर पथराव की रस्म अदा की गयी , जिसमे दो महिलाओं और छोटे - छोटे बच्चों के सिरों से सिर्फ खून ही निकला , बाकि सब सही सलामत है इसी प्रकार , कन्नौज , वाराणसी ,बाराबंकी , कानपुर , ओरया फरुखाबाद - में भी अलग-अलग अंदाज में यह शांति-प्रिय त्यौहार देखने को मिला ,

दिल्ली में भी कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला .. नयी -नयी तेज रफ़्तार मोटरसाईकिलों पर बैठे , हाथों में नंगी तलवारों को लहराते हुए , रास्ते के पेड़ों को काटते हुए, राह चलते हुए लोगों और महिलाओं को डराते हुए , बीस -तीस मोटरसाईकिलों के झुण्ड को कोलाहल करते हुए देखा गया ,
कोई मुझे मुहर्रम का त्यौहार समझाएगा ? ?? की ये क्यों और किसलिए मनाया जाता है , क्या इसका वास्तविक रूप यही है , जो वर्तमान रूप से देखने को मिल रहा है ???

अगर ऐसा है तो फिर अपने घरों की दीवारों पर हरा रंग पुतवा लीजिये , और नमाज़ अता करना सीख लीजिये , क्योंकि बहुत जल्दी ही हम सबको इसकी जरुरत पड़ने वाली है ,अगर आपके आस-पास कोई सेक्युलर मिले तो उससे ये सवाल जरूर करना |

उत्तर प्रदेश के ( वास्तविक मुख्यमंत्री) मुल्ला -यम और मंद मोहन , और गोरी अम्मा ने इस पर अत्यंत ख़ुशी जाहिर करते हुए देशवासियों को बधाई दी है और कहा है की आने वाले बीस या तीस वर्षों में सारे देश में इस उत्सव की गूँज और ध्वनि गली-गली- और कुचे-कुचे में देखने को मिलेगी , क्योंकि इसके लिए "अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक" ( हिन्दुओं के लिए ) लाया जा रहा है , जिससे आप अपने घर में ही भगवन के पूजा नहीं कर पाएंगे। श्रधा के साथ मंदिर नहीं जा पाएंगे। घर में नकारात्मक उर्जा को हटाने के लिए आप घर में हवन नहीं करवा पाएंगे। स्कुलो और सामाजिक संस्थानों से भगवान की फोटो हटा दी जाएगी। हिन्दू अपने देवी देवताओ का स्मरण नहीं कर पाएंगे। रामचरितमानस का पाठ नहीं करवा पाएंगे। अब ऐसा होने जा रहा है देश में और यह शुरुआत महाराष्ट्र से कांग्रेस कर चुकी है।

महाराष्ट्र में कांग्रेसी सरकार "अंधश्रद्धा निर्मूलन विधेयक" नाम की कानून ला रही है। जिसका मकसद सभी धार्मिक श्रद्धाव पर प्रतिबन्ध लगाना है। कांग्रेस महाराष्ट्रके बाद इस कानून को पुरे देश में लागु करने वाली है। देश के काले अंग्रेजो ने महाराष्ट्र के धरती से सेकुलरिस्म के नाम पर हिन्दू मान्यताओ पर आघात लगाना सुरु कर दिया है। इस क़ानून के सहायता से कांग्रेस पुरे देश से हिन्दुओ को ख़त्म करके विपक्ष को ही ख़त्म कर देना चाहती है। इस कानून में हिन्दुओ के लिए सारे प्रतिबन्ध है। लेकिन मुस्लिमो के नाम पर सरकार चुप है। सरकार हिन्दू धर्म को कानून से बांधना चाहती है और बाकि धर्मो को खुली छूट देना चाहती है।

जय हिन्द
जय माँ भारती
लेख साभार- बजरंग दल.
 
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