सर पे है दीपावली, सजे हुये बाज़ार !
बच्चों की फरमाइशें, मगर जेब हुई लाचार!!

दिल भी जले गरीब का, थर थर कांपे हाथ !!
महंगा महंगा तेल जब, जले दिए के साथ !!

नहीं बढ़ी तनख्वाह पर बढ़ जाते है भाव !!
मन के मन में रह गये मेरे सारे "चाव" !!
मन के मन में रह गये मेरे सारे "चाव" !!
 
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