आमतौर पर सभी लोग किसी न किसी कॉस्मेटिक सामग्री का इस्तेमाल तो करते ही हैं। क्या कभी आपने यह जानने की कोशिश की है कि इसे बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

नहीं, तो एक बार जरूर देखिए कि आप जो कॉस्मेटिक सामग्री ले रहे हैं, वह किन चीजों से बनी है। खैर, हम आपको आज बताने जा रहे हैं, कुछ ऐ
सी चीजों के बारे में जिन्हें आपके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लिपस्टिक, लोशन या लिप बाम में डाला जाता है।

इस खबर को पढ़ने के बाद हो सकता है कि सुंदर बनाने का दावा करने वाली इन कॉस्मेटिक्स के बारे में आपकी राय बदल जाए।

आइए डालते हैं, कॉस्मेटिक सामानों में इस्तेमाल किए जाने वाली 10 घिनौनी चीजों पर एक नजर...
1. डियोड्रेंट में डाइनामाइट। डाइनामाइट का इस्तेमाल सीधे तौर पर तो किसी कॉस्मेटिक में नहीं होता है, लेकिन इसके एक महत्वपूर्ण अवयव का उपयोग डियोड्रेंट में किया जाता है।
2. मॉइस्चराइजर में घोंघे का रस। कई फेमस मॉइस्चराइजर्स में इसका प्रयोग किया जाता है। दरअसल यह घोंघे के शरीर से निकलने वाले डेड सेल होते हैं, जिन्हें वह अपने बचाव में निकलाता है।
3. लिपबाम, सनस्क्रीन में शार्क लिवर ऑइल। शार्क के लिवर से निकलने वाले तेल का इस्तेमाल लिपबाम व सनस्क्रीन जैसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में धड़ल्ले से किया जाता है। इसके कारण शार्कों के शिकार में काफी तेजी भी आई है।
4. मॉइस्चराइजर्स में बच्चों की मुलायम त्वचा। हाल ही में एक एंटी एजिंग क्रीम बनाने वाली कंपनी ने दावा किया है कि वह अपने इस प्रोडक्ट में बच्चों की नाजुक त्वचा का इस्तेमाल करती है। कंपनी के दावों के अनुसार, वह बच्चों के शरीर से निकलने वाली कोशिकाओं को अपने इस प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल करती है, किसी से ज्यादती करके इसे हासिल नहीं किया जाता है।
5. शेविंग क्रीम में भेड़ का वूल वैक्स। शेविंग क्रीम में लैनोलिन नाम का पदार्थ इस्तेमाल किया जाता है, जिसे भेड़ के शरीर से निकाला जाता है। इसका इस्तेमाल केवल इसलिए किया जाता है, जिससे शेव बनाते समय इंसान के गाल की चमड़ी मुलायम हो जाए।
6. महंगे परफ्यूम में व्हेल के अवशिष्ट। व्हेल से निकलने वाला यह पदार्थ पीला व सख्त होता है, जिसका निर्माण उसके स्पर्म से होता है। यह व्हेल के पेट में किसी सख्त पदार्थ को निगलने के बाद उसकी रक्षा करता है। हालांकि, इंसान इसके अलग तरह के गंध के कारण इसका इस्तेमाल महंगे परफ्यूम में करने लगा है। इसे आमतौर पर 'समंदर का सोना' कहा जाता है और इसके एक पाउंड की कीमत तकरीबन 10 हजार डॉलर (तकरीबन 5 लाख 15 हजार रुपए) होती है।
7. लिपस्टिक में कुचले हुए कीट। सेंट्रल और साउथ अमेरिका में कैक्टस के पौधों पर पाए जाने वाले इस कीट को कोचिनियल बीट्लस के नाम से जाना जाता है। मादा बीट्लस रेड बैरीज खातीं हैं और इन्हें जब कुचला जाता है, तो इनके पेट से गहरे लाल रंग की डाई निकलती है। इन्हें सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि ये इंसानों के लिए सुरक्षित होते हैं। इनका उपयोग लिपिस्टिक, कैंडी, आइसक्रीम व आई शैडो में धड़ल्ले से किया जाता है।
8. नेल पॉलिश व मसकरा में मछलियों की त्वचा। ऐसा माना जाता है कि मसकरा में चमगादड़ों के पंखों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। इसमें मछलियों के शल्कों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इन प्रोडक्ट्स में एक अलग तरह की चमक आ जाती है।
9. लिपस्टिक, आई शैडो और साबुन में मरे हुए जानवर के फैट्स। जानवरों के तेल या फैट्स का इस्तेमाल साबुन और आई मेकअप के कई सामानों में होता है। इसे मरे हुए जानवरों से निकाला जाता है। इसके लिए स्लॉटर हाउस, शेल्टर्स व चिड़ियाघरों से मरे हुए जानवर इकट्ठे किए जाते हैं।
10. हेअर प्रोडक्ट्स में सांड का वीर्य। बालों के वियाग्रा कहलाने वाले सांड के वीर्य को 'कटेरा' नाम के एक पौधे के साथ मिलाकर बाल पर लगाया जाता है। ज्यादातर इसका प्रयोग दोमुंहे व डैमेज बालों को ठीक करने के लिए किया जाता है।
http://bollywood.bhaskar.com/article/ENT-KZHK-10-disgusting-common-ingredients-in-cosmetics-3878409.html?seq=1&RHS-rochak_khabare
 
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